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समस्तीपुर मंडल के चिकित्सा विभाग ने 2025-26 में रचा रिकॉर्ड, 1.23 लाख से ज्यादा मरीजों को मिला इलाज
- Reporter 12
- 09 Apr, 2026
समस्तीपुर मंडल, पूर्व मध्य रेल के चिकित्सा विभाग ने वर्ष 2025-26 में 1.23 लाख से अधिक मरीजों का इलाज, सैकड़ों सर्जरी, विशेष स्वास्थ्य शिविर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार जैसी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
समस्तीपुर/आलम की खबर:पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल का चिकित्सा विभाग वर्ष 2025-26 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ सामने आया है। मंडल रेल अस्पताल और विभिन्न हेल्थ यूनिट्स के जरिए न सिर्फ रेल कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया गया, बल्कि यात्रियों के लिए भी स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा पहले से अधिक व्यापक किया गया। बीते वित्तीय वर्ष में विभाग ने उपचार, जांच, सर्जरी, आपातकालीन सेवाओं, महिला स्वास्थ्य, जागरूकता अभियान और चिकित्सा अधोसंरचना के विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं।
चिकित्सा विभाग की वार्षिक कार्यप्रणाली पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग ने केवल नियमित इलाज तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवा, विशेष जांच शिविर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता जैसे क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार किया। यही वजह है कि वर्ष 2025-26 समस्तीपुर मंडल के चिकित्सा तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धियों वाला साल साबित हुआ।
1.23 लाख से अधिक मरीजों को मिला उपचार
स्वास्थ्य सेवाओं के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि मंडल का चिकित्सा तंत्र पूरे वर्ष सक्रिय और प्रभावी रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान मंडल की ओपीडी सेवाओं के तहत कुल 1,23,712 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं गंभीर या विशेष देखभाल की जरूरत वाले 2,145 मरीजों को इनडोर सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि मंडल रेल अस्पताल और उससे जुड़ी स्वास्थ्य इकाइयों पर लोगों का भरोसा लगातार बना हुआ है। रेल कर्मचारियों, उनके परिजनों और जरूरतमंद यात्रियों के लिए यह चिकित्सा व्यवस्था न केवल उपचार का केंद्र बनी, बल्कि नियमित स्वास्थ्य प्रबंधन का भी अहम माध्यम रही।
सर्जरी और त्वरित चिकित्सा सहायता में भी सफलता
विभाग ने इलाज के साथ-साथ शल्य चिकित्सा सेवाओं में भी प्रभावी प्रदर्शन किया। वर्ष भर में कुल 644 लघु शल्य क्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गईं, जबकि 20 बड़ी सर्जरी भी की गईं। इससे यह स्पष्ट होता है कि मंडल का चिकित्सा विभाग केवल प्राथमिक चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मामलों में उन्नत उपचार क्षमता भी विकसित कर चुका है।
इसके अलावा मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 1,705 स्टेशन कॉल के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। रेलवे स्टेशनों पर आकस्मिक बीमारियों, चोट, अस्वस्थता या यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में यह सेवा यात्रियों और कर्मचारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई।
विशेष स्वास्थ्य शिविरों ने बढ़ाई जागरूकता
वर्ष 2025-26 के दौरान समस्तीपुर मंडल के चिकित्सा विभाग ने केवल अस्पताल आधारित इलाज पर ही फोकस नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से निवारक चिकित्सा और जन-जागरूकता को भी प्राथमिकता दी। मंडल रेल अस्पताल और हेल्थ यूनिट्स में आयोजित विभिन्न विशेष शिविरों में कुल 7,457 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
इनमें विशेष रूप से “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के तहत आयोजित 25 शिविरों में 2,837 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिला स्वास्थ्य के प्रति यह पहल विभाग की संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है। वहीं स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान आयोजित शिविरों में 267 स्वच्छता मित्रों की जांच की गई, जो समाज के उस वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का संकेत है, जो अक्सर उपेक्षित रह जाता है।
विशेष रोगों और जांच सुविधाओं पर भी फोकस
समस्तीपुर मंडल के चिकित्सा विभाग ने विशेष बीमारियों और लक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी सक्रियता दिखाई। दरभंगा स्टेशन पर आयोजित एक मेगा हेल्थ चेकअप कैंप में 255 लोगों की नेत्र और दंत जांच की गई। इससे यात्रियों और स्थानीय जरूरतमंदों को मौके पर ही महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकीं।
इसी तरह क्रॉनिक लिवर रोगियों के लिए आयोजित फाइब्रो-स्कैन कैंप में 117 मरीजों की जांच की गई, जो विशेष रोग प्रबंधन के लिहाज से एक उपयोगी पहल मानी जा रही है। वहीं समस्तीपुर स्टेशन पर आयोजित HIV परीक्षण शिविर में 265 लोगों की जांच की गई। इस तरह के शिविर न केवल समय पर जांच की सुविधा देते हैं, बल्कि लोगों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता और रोग-नियंत्रण के प्रति समझ भी बढ़ाते हैं।
आपातकालीन सेवाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति
वर्ष भर में मंडल के चिकित्सा विभाग ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाए रखा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान 8,855 इमरजेंसी ओपीडी मामलों का उपचार किया गया। साथ ही 715 स्टेशन कॉल और 103 कट इंजरी केस का सफल प्रबंधन किया गया।
इसके अतिरिक्त RELHS से जुड़े 1,055 मामलों तथा 1,268 कर्मचारी/आश्रित मामलों का भी समुचित निस्तारण किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि विभाग ने नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आकस्मिक और विशेष जरूरतों को भी गंभीरता से संभाला। रेलवे जैसी निरंतर गतिशील व्यवस्था में आपातकालीन चिकित्सा सेवा की यह क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
त्योहारों और भीड़भाड़ के समय भी सक्रिय रहा विभाग
रेलवे स्टेशनों पर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता भी बरती। विभिन्न पर्व-त्योहारों के अवसर पर प्रमुख स्टेशनों पर चिकित्सा टीमों की विशेष तैनाती की गई, ताकि यात्रियों को जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इससे भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिली।
इसके साथ ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य कार्यस्थल पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, नियमित जांच को बढ़ावा देना और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रबंधन को बेहतर बनाना था।
मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में हुआ बड़ा सुधार
समस्तीपुर मंडल के चिकित्सा विभाग की उपलब्धियों में अधोसंरचना विकास एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। वर्ष के दौरान महिला वार्ड, स्त्री रोग वार्ड, बच्चों के वार्ड, ओपीडी कक्ष और केबिनों का नवीनीकरण किया गया, जिससे मरीजों को अधिक बेहतर और व्यवस्थित वातावरण में इलाज मिल सके।
इतना ही नहीं, मंडल रेल अस्पताल के नए भवन के लिए करीब 12 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली है। साथ ही अस्पताल में 30 ICU बेड की व्यवस्था की दिशा में भी काम आगे बढ़ाया गया है। यह विकास आने वाले समय में समस्तीपुर मंडल की चिकित्सा क्षमता को और मजबूत करेगा।
आधुनिक उपकरणों से बढ़ी उपचार क्षमता
उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने कई आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इनमें मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, इम्यूनो एनालाइज़र, लैप्रोस्कोपी मशीन, ECG मशीन सहित कई अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं।
इन उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों को बेहतर जांच और उन्नत उपचार सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे गंभीर मामलों में रेफरल की आवश्यकता भी कम हो सकती है और मरीजों को समय पर उपचार मिलना आसान होगा।
मेडिकल रिइम्बर्समेंट में भी तेज निस्तारण
विभाग ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के मामलों में भी प्रभावी कार्य किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल 237 मामलों में से 191 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 57.32 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इससे कर्मचारियों और आश्रितों को आर्थिक राहत मिली और विभाग की प्रशासनिक कार्यकुशलता भी सामने आई।
कुल मिलाकर समस्तीपुर मंडल का चिकित्सा विभाग वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य सेवाओं के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र में सक्रिय, परिणामकारी और विस्तारशील भूमिका में नजर आया। उपचार से लेकर जागरूकता तक, और अधोसंरचना से लेकर आधुनिक तकनीक तक — विभाग की यह प्रगति न केवल उसकी सेवा भावना को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद भी मजबूत करती है।
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